
बैराकाजी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा शिकायती पत्र
कैसरगंज (बहराइच)। ग्राम पंचायत बैराकाजी के ग्रामीणों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक बहराइच को एक शिकायती पत्र सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि विपक्षी पक्ष द्वारा लगातार झूठी और मनगढ़ंत शिकायतें की जा रही हैं, जिससे उन्हें मानसिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जब भी वे अपनी बात उच्च अधिकारियों तक पहुंचाते हैं या न्याय की गुहार लगाते हैं, तब विपक्षी पक्ष दबाव बनाने के लिए नए-नए आरोप लगाकर फर्जी मुकदमे दर्ज कराने का प्रयास करता है। इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश और असंतोष की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस पर कड़ा कदम नहीं उठाया तो यह विवाद और गहरा सकता है। कैसरगंज कब्रिस्तान विवाद और वक्फ भूमि पर अवैध कब्जे का यह मामला अब केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि ग्रामीणों के सामाजिक जीवन और उनकी प्रतिष्ठा का भी प्रश्न बन गया है। इस तरह की स्थिति में बैराकाजी ग्राम पंचायत के लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

विपक्षियों पर लगाए गए अवैध कब्जे के आरोप
ग्रामीणों ने शिकायती पत्र में साफ लिखा है कि विपक्षी सफ़ीउल्ला, तुफैल, खलील अहमद और रफी अहमद लगातार फर्जी मुकदमे दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि हाल ही में इन विपक्षियों पर मुकदमा संख्या 0248/2025 दर्ज किया गया था। इसके अलावा पत्र संख्या 20018025023349 के संदर्भ में अल्पसंख्यक अधिकारी, नायब तहसीलदार, हलका लेखपाल और पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। जांच के दौरान विपक्षियों द्वारा किया गया अवैध कब्जा सामने आया। इस सत्यापन रिपोर्ट से साफ है कि ग्रामीणों की शिकायतें तथ्यात्मक और सही हैं। लेकिन इसके बाद भी विपक्षी पक्ष ने दबाव बनाने और प्रशासन को गुमराह करने के लिए लगातार झूठी शिकायतें की हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत झगड़ा नहीं बल्कि वक्फ भूमि विवाद से जुड़ा बड़ा मुद्दा है। कैसरगंज कब्रिस्तान विवाद की आड़ में विपक्षी पक्ष अवैध कब्जे को वैध ठहराने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में ग्रामीणों का विश्वास है कि जब तक प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक इस तरह की मनगढ़ंत शिकायतें आती रहेंगी और गांव का माहौल बिगड़ता रहेगा।
वक्फ बोर्ड के आदेश के बाद बढ़ा विवाद
ग्रामीणों ने पत्र में उल्लेख किया है कि जब से उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अवैध कब्जा खाली कराने का पत्र जारी किया है, तभी से विपक्षी पक्ष और अधिक सक्रिय हो गया है। वक्फ भूमि विवाद लंबे समय से बैराकाजी ग्राम पंचायत का बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वक्फ बोर्ड के आदेश के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जमीन पर से अवैध कब्जा जल्द हट जाएगा और कब्रिस्तान का वजूद सुरक्षित रहेगा। लेकिन इसके उलट, कब्जाधारियों ने फर्जी मुकदमे और झूठी शिकायतों का सहारा लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया को उलझाना शुरू कर दिया है। इससे न केवल ग्रामीण परेशान हैं, बल्कि उनका सामाजिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। बार-बार प्रशासन और न्यायालय के चक्कर लगाने से उनका समय और संसाधन दोनों नष्ट हो रहे हैं। कैसरगंज कब्रिस्तान विवाद की वजह से यहां के लोगों का आपसी सौहार्द और भाईचारा भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि वक्फ भूमि का सही इस्तेमाल तभी संभव होगा जब प्रशासन पूरी निष्पक्षता से कब्जा हटवाए और इस तरह की झूठी शिकायतों पर कठोर कार्रवाई करे।
मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक जीवन पर असर
शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा है कि विपक्षियों द्वारा लगातार किए जा रहे झूठे आरोपों और मुकदमों से उनका सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। गांव में उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है, जिससे उन्हें बेवजह मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। जब भी कोई नया फर्जी मुकदमा दर्ज होता है तो ग्रामीणों को पुलिस और प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इससे उनका खेती-बाड़ी और रोजमर्रा का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कैसरगंज कब्रिस्तान विवाद अब केवल एक कानूनी मुद्दा नहीं है बल्कि उनके सम्मान और अस्तित्व से जुड़ा मामला बन चुका है। अगर इस तरह की झूठी शिकायतों पर रोक नहीं लगी तो गांव का माहौल लगातार बिगड़ता रहेगा। इसलिए उन्होंने पुलिस अधीक्षक बहराइच से निष्पक्ष जांच और अवैध कब्जा खाली कराने की ठोस कार्रवाई की मांग की है। इससे न केवल ग्रामीणों को न्याय मिलेगा बल्कि वक्फ भूमि पर चल रहे लंबे विवाद का भी समाधान संभव हो सकेगा।
ग्रामीणों की एकजुटता और प्रशासन से उम्मीदें
शिकायती पत्र पर अब्दुल खालिक, इमरान अहमद, मंजूर अहमद, मोहम्मद माजिद, अलीम मौलाना, समाल अहमद, मंसूर अहमद, फारूक अहमद, अफजाल सहित समस्त ग्रामीणों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। यह दर्शाता है कि पूरा गांव इस मामले में एकजुट होकर न्याय की मांग कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी हाल में अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं करेंगे और वक्फ बोर्ड के आदेश का पालन करवाने के लिए प्रशासन से सख्त कदम उठाने की उम्मीद करते हैं। कैसरगंज कब्रिस्तान विवाद और बैराकाजी ग्राम पंचायत वक्फ भूमि विवाद को लेकर अब गांव का हर नागरिक सचेत और जागरूक है। उनका मानना है कि अगर प्रशासन पारदर्शी तरीके से जांच कर विपक्षी पक्ष की साजिशों को उजागर करता है तो इस लंबे विवाद का समाधान संभव है। ग्रामीणों की यह एकजुटता आने वाले समय में विपक्षियों के लिए चुनौती साबित हो सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करते हैं
जनरथ एक्सप्रेस