Uttar Pradesh के बहराइच जिले के प्रयोगधर्मी किसान गुलाम मोहम्मद बताते हैं की कभी मात्र 11 रुपए रोज़ की मजदूरी पर एक सरकारी विभाग में काम करते थे, आज उनका सिर्फ खेती से सालाना कई करोड़ का टर्नओवर है। वो अपनी सफलता का श्रेय अपने उन दो भाइयों को देते हैं जिन्होंने साए की तरह उनका साथ दिया।
गरीबी के चलते 8वीं तक पढ सके गुलाम मोहम्मद कहते हैं, मैं तो नहीं पढ पाया था लेकिन पढाई ज़रूरी है इसलिए घर के सभी बच्चे प्रोफेशनल पढाई कर रहे।
उनके फार्म की दीवारें अवार्ड और पुरस्कार से भरी पडी हैं। हालांकि ये रातों रात नहीं हुआ, इसके पीछे गुलाम मोहम्मद और उनके भाइयों की कई वर्षों की दिन रात की मेहनत, दिमाग और लगन है।
गुलाम मोहम्मद ने खेती की शुरुआत 1986-87 में 10 बिस्वा धनिया की खेती से की थी और आज 24 एकड़ में सिर्फ केला लगते हैं। लेकिन, तरबूज-खरबूजा, टमाटर, हरी मिर्च से उन्होंने खूब मुनाफा कमाया और जब ज्यादा किसान वो खेती करने लगे तो वो कश्मीरी एपल बेर और मुर्गी पालन, अंडा उत्पादन जैसे कामों पर फोकस करने लगे।
वो कहते हैं केले को छोडकर बाकी फसलें वो 5-6 साल ही करते हैं, इससे पहले आसपास के किसान वो फसल लगाना शुरु करें वो नई फसल, फल या सब्जी खोज लाते हैं।
गुलाम मोहम्मद की सफलता के सूत्र और उनकी खेती के तरीके जानने के लिए देखें पूरा वीडियो।
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