
बाराबंकी में जश्न-ए-ईद मिलाद-उन-नबी की तैयारियों को लेकर ‘बज्म-ए-रहमत’ कमेटी की तीसरी बैठक हुई संपन्न
बाराबंकी: बज्म-ए-रहमत बाराबंकी कमेटी की जानिब से नबीगंज स्थित A 2 Z प्लाजा में जश्न-ए-ईद मिलाद-उन-नबी और जुलूस-ए-परचम-ए-मोहम्मदी (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) की तैयारियों को लेकर तीसरी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 1500वें साल के इस ऐतिहासिक जलसे और जुलूस को और भी बेहतर और शानदार बनाना था। इस महत्वपूर्ण मीटिंग की सदारत बज्म-ए-रहमत बाराबंकी के सदर अब्दुल हक एडवोकेट ने की और इसका संचालन कमेटी के सचिव शरीफुल हक उर्फ जफर अंसारी ने किया। मीटिंग की शुरुआत कारी कलाम साहब की तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक से की गई, जिससे माहौल में आध्यात्मिक शांति और गंभीरता आ गई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें जुलूस के रूट, सुरक्षा व्यवस्था, और कमेटी के सदस्यों की भूमिकाएं शामिल थीं।
इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा यह था कि 1500वें साल के जलसा-ए-ईद मिलाद-उन-नबी और जुलूस-ए-परचम-ए-मोहम्मदी को कैसे और भी बेहतर बनाया जाए। कारी अजीम साहब ने इस पर अपनी बात रखते हुए सभी से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि 12 रबी-उल-अव्वल शरीफ की एक तारीख से ही सभी लोग अपने-अपने घरों पर हरे रंग का झंडा जरूर लगाएं। यह हरे रंग का झंडा पैगंबर मोहम्मद (सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम) के प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक है और यह इस पवित्र महीने की शुरुआत का भी संकेत देता है। इसके अलावा, उन्होंने जुलूस-ए-परचम-ए-मोहम्मदी में शामिल होने वाले सभी लोगों से गुजारिश की कि वे अपने साथ एक छोटा हरे रंग का झंडा लेकर आएं। यह झंडा जुलूस की शान को बढ़ाएगा और लोगों के बीच एकता का संदेश देगा। इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास इस विशाल आयोजन को और भी यादगार बना सकते हैं।
जुलूस-ए-परचम-ए-मोहम्मदी हर साल की तरह इस साल भी बड़े शान-ओ-शौकत और धूमधाम के साथ निकाला जाएगा। इस जुलूस का रास्ता भी तय किया गया है, जो फजलुर रहमान पार्क से शुरू होकर पुलिस चौकी घंटाघर, धनोखर, बेगमगंज, छाया चौराहा, निबलेट, पीरबटावन होते हुए वापस फजलुर रहमान पार्क में ही समाप्त होगा। जुलूस के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमेटी के सदस्यों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियां तय कीं। जुलूस में शामिल होने वाले सभी लोगों के लिए खाने-पीने और पानी की व्यवस्था का भी प्लान बनाया गया ताकि किसी को कोई परेशानी न हो। इस विशाल जुलूस को सफल बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने अपनी-अपनी राय रखी और एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया।
इस बैठक में लिए गए फैसलों के बाद, अगली मीटिंग की तारीख भी तय की गई। अगली बैठक 31 अगस्त 2025, रविवार को दोपहर 2 बजे मदरसा गौसिया भीतरी, पीरबटावन में रखी गई है। इस बैठक में सभी सदस्यों और आम लोगों को आमंत्रित किया गया है ताकि वे अपने विचार और सुझाव दे सकें। यह खुली चर्चा इस विशाल आयोजन को और भी बेहतर बनाने में मदद करेगी। मीटिंग में कारी अजीम मस्याखी, कारी कलम बंकी, ताज बाबा राईन, मौलाना नूरानी मियां बंकी, सदर अब्दुल हक (एडवोकेट), सेक्रेटरी शरीफुल हक (जफर अंसारी), मोहम्मद इरफान कुरैशी, सिद्दीक चौधरी, हारून राईन, सूफियान उल्लाह, जुनैद अंसारी, इदरीश पान वाले, मौलाना कलीम, हमीदुल्लाह रईन, पूर्व सभासद आसिफ, वली उर रहमान, सलमान उर्फ सल्लू, नसीम उर्फ शेखू राईन, साहिबे आलम कुरेशी, गुलजार अहमद, मोहम्मद तालिब, हाफिज अनीस, मोहम्मद रयान, मोहम्मद अकमल, पत्रकार सुहैल अहमद अंसारी, अरफातूल हक अजमत बड़ेल, मेहताब बड़ेल, इमरान कुरेशी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

